मित्र हो तो ऐसे ! तीन मित्रों की कहानी

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 हमारी  www.hindishayaridilkibaatein.com website में | दोस्तों इस पोस्ट में मैंने तीन मित्रों की मित्रता के बारे में बताया है जिन्होंने किसी भी हाल में अपने मजहब अपने धर्म को अपनी दोस्ती के आड़े नहीं आने दिया। अगर आप लोगो को हमारी पोस्ट पसंद आए तो हमारी इस पोस्ट को शेयर करना ना भूले अपने दोस्तों मे।।
  
                                   भाग 01

किसी छोटे से शहर में तीन मित्र रहते थे। तीनों मित्रों में गहरी मित्रता थी, परंतु उन सभी मित्रों के माता पिता आपस मेंझगड़ते रहते थे। इसका कारण था उन सभी का धर्म। वेसभी धर्म के नाम पर एक दूसरे की आलोचना किया करते थे। लेकिन तीनों मित्रों ने अपने बीच कभी भी मजहब को आड़े नहीं आने दिया तीनों मित्रों में पहले मित्र का नाम अली दूसरे मित्र का नाम अजय तथा तीसरे मित्र का नाम हरगोविंद था।

एक दिन अली अपने तीनों मित्र के पास आता है, और कहता है। दोस्तों रमजान का पाक महीना आने वाला है। रमजान के महीने की आखिरी में चांद दिखता है, और जब चांद दिखाई दे तो उस के दूसरे दिन ईद मनाया जाता है। तभी अजय अली से बीच में ही पूछ बैठता है, तो फिर रमजान के महीने में क्या किया जाता है। अली अपने मित्रों को समझाते हुए कहता है कि रमजान के महीने में सभी मुसलमान भाई अल्लाह की इबादत करते हैं। रोजे रखते हैं, गरीबों को इफ्तार और नए कपड़े देते हैं। पुरे महीने रोजे रखते हैं। रमजान के महीने की आखिरी में चांद दिखाई देता है। और जब चांद दिखाई देता है। तो उस के दूसरे दिन ईद मनाया जाता है। तभी हरगोबिंद अली से पूछता है। ईद में बच्चे क्या क्या करते हैं। अली हरगोविंद को समझाते हुए कहता है। ईद में सभी बच्चे बूढ़े जवान सभी नए कपड़े पहनते हैं। इत्र लगाते है। ईदगाह में नमाज पढ़ने जाते हैं। नमाज के बाद सभी बच्चे ईदगाह में बिक रहे तरह-तरह की मिठाइयां खिलौने खरीदते हैं। और खूब मस्ती करते हैं। अली अपने मित्रों को कहता है। हम सभी मित्र ईदगाह के मेले में चलेंगे वहां झूला झूलेंगे मिठाईयां खाएंगे और मस्ती करेंगे। तीनों मित्र बेसब्री से ईद के पर्व आने का इंतजार करने लगे। तीनों मित्र बहुत ही उत्साहित थें। आखिरकार बच्चों का इंतजार खत्म होता है। और ईद का चांद दिखाइ देता है। अली बहुत खुशी खुशी अपने मित्रों के पास जाता है। और यह सुचना अपने मित्रों को देता है। कि ईद का चांद निकल गया है। कल ईद है। हम सभी मित्र साथ में ईदगाह के मेले जाएंगे। तीनों मित्रों की खुशी का ठिकाना नहीं रहता है। तीनों मित्र बहुत ही खुश है। आज ईद का चांद जो दिखाई दे गया है। कल ईद है। हम सभी दोस्त ईदगाह के मेले जाएंगे खूब मस्ती करेंगे मिठाईयां खिलौने और झूले झूलेगे यह सोच सोच कर तीनों मित्रों की खुशी का ठिकाना नहीं था। अगले दिन अली नए कपड़े पहनता है। इत्र लगाता है। और अपने अब्बू जान के साथ ईद की नमाज अदा करने ईदगाह जाता है। ईद की नमाज अदा करने के बाद अली अपने घर जाता है।

और अपने दोस्तों के लिए एक टिफिन में सेवइयां पैक करता है। फिर अपने दोस्तों से मिलने के लिए निकल जाता है। अली के सभी दोस्त अली का इंतजार कर रहे थे। तभी उन्हें अली आता हुआ दिखाई देता है। अजय और हरगोविंद भी भागते हुए अली के पास जाते हैं। फिर अली अपने दोस्तों के साथ ईदगाह के मेले जाता है। वहां तीनों मित्र झूला झूलते हैं। तरह-तरह की मिठाइयां खाते हैं। और खूब मस्ती करते हैं। तभी हरगोविंद की नजर अली के टिफिन पड़ती है। हरगोविंद अली से पूछता है।अली टिफिन में क्या है। अली मुस्कुराता हुआ कहता है। इसमें सेवइयां है। यह सेवइयां तुम लोगों के लिए है। तीनों मित्र सेवइयां खाते हैं। वाह कितनी मीठी सेवइयां है। मजा आ गया हरगोविंद कहता है। अजय को भी सवैया बहुत पसंद आती है। तीनों मित्र ईदगाह के मेले से अपने-अपने घर लौट जाते हैं।   

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