Makar Sankranti Hindi Poetry

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Happy Makar Sankranti

दोस्तों आप सभी को www.hindishayaridilkibaatein.com की ओर से मकर संक्रांति की हार्दिक शुभकामनाएं।

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दोस्तों संग मस्ती करेंगे। बचपन की यादों में चलेंगे। मकर संक्रांति मुबारक हो आप सभी को। मीठे लड्डू की मिठास जैसी मोहब्बत इस मकर संक्रांति। हर दिलों में भरेंगे।

Dosto Sang Masti Karenge। Bachpan Ki Yaadon Mein chalenge। Makar Sankranti Mubarak Ho Aap Sabhi ko। Mithe Laddu Ki Mithaas Jaisi Mohabbat Is Makar Sankranti Har Dil Mein Bharenge

मीठे मीठे लड्डू और तिलकुट खाएंगे। बचपन की यादों में खो जायेंगे। यारों की महफिल सजाएंगे। हिंदू मुस्लिम सिख ईसाई की एकता का पैगाम जमीं से आसमां तक हम पहुंचाएंगे

Mithe Mithe Laddu Aur Tilkut Khayenge। Bachpan Ki Yaadon Mein Kho Jayenge। Yaaron Ki Mehfil Sajayenge। Hindu, Muslim, Sikh Isai Ki Ekta Ka Paigam Zami Se Aasma Tak Hum pahuchayenge

मिठास का त्यौहार है मकर संक्रांति। हर दिलों में प्यार का मिठास भर जाए। सभी बोले प्रेम की भाषा, यही है इस मकर संक्रांति मे, मेरे इस दिल की अभिलाषा।

Mithaas ka Tyohaar Hai Makar Sankranti। Har Dil Mein Pyar ka Mithas Bhar Jaaye। Sabi Bolein Prem ki Bhasha, Yehi Hai Is Makar Sankranti Mein Mere Is Dil Ki Abhilasha

चांद की चांदनी को कहां तुम अलग कर पाओगे। सूरज की चमक को कैसे तुम छुपा पाओगे। हिंदू मुस्लिम सिख ईसाई हम सब हैं भाई भाई, हमारे बीच नफरत की दीवार तुम चाह कर भी ना उठा पाओगे।

Chand Ki Chandni ko kaha Tum Alag Kar Paoge Suraj ki Chamak Ko Kaise Tum Chupaoge। Hindu Muslim Sikh Isai Hum Sab Hai Bhai Bhai Hamare Beech Nafrat Ki Deewar Tum Chahkar Bhi Na Utha Paoge

स्वर्ग से सुंदर है हिंदुस्तान हमारा। हमें जान से भी प्यारा है हिंदुस्तान हमारा। हम तो उस बगीचे के फूल हैं, जहां खिलते हरफूल हैं। 12 महीने लगे रहते हैं यहां त्योहारों के मेले ईद जाए तो होली खेलें

Swarg Se Sundar Hai Hindustan Hamara। Hume Jaan Se Bhi Pyara Hai Hindustan Hamara। Hum to us Bagiche Ke Phool Hain। Jahan khiltey Har Phool Hain। 12 mahine Lage Rehte Hain Yahan Tyoharo Ke Mele Eid Jaye Tu Holi Khelein

इस मकर संक्रांति मीठे मीठे तिलकुट लड्डू और दही चूड़े का लुफ्त उठाएंगे। मिलकर सभी दोस्तों संग एक साथ अमन चैन और प्यार का पैगाम जमीं से आसमां तक पहुंचाएंगे । जात पात से परे होकर इंसानियत का धर्म हम अपनाएंगे। इस मकर संक्रांति मीठे मीठे तिलकुट लड्डू और दही चूड़े का लुफ्त उठाएंगे। मिलकर सभी दोस्तों संग एक साथ अमन चैन और प्यार का पैगाम वाली पतंग जमीं से आसमां तक उड़ाएंगे

Is Makar Sankranti Mithe Mithe Tilkut Laddu Aur Dahi Chure Ka Luft Uthayenge। Milkar Sabhi Dosto Sang Ek sath Aman Chain Aur Pyar Ka Paigam zamee se Aasma tak pahu chayenge। Jaat Paat se Pare Hokar Insaaniyat ka Dharm Apnayenge। Is Makar Sankranti Mithe Mithe Tilkut Laddu or Dahi chore Ka Luft uthayenge। Milkar Sabhi Dosto sang Ek Sath Aman Chain Pyar Ka Paigam Vaali Patang zameen se Aasman tak udayenge

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